हमारे समाज में शास्त्रों का बहुत महत्व है खास तौर से धार्मिक शास्त्र हमारे समाज में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हिंदू धर्म में वेद, गीता एवं पुराण। मुस्लिम धर्म में कुरान शरीफ। सिख धर्म में गुरु ग्रंथ साहिब और ईसाई धर्म में बाईबल। सभी पवित्र धार्मिक ग्रंथों में परमात्मा की जानकारी है इसमें बताया गया है कि परमात्मा कौन है, कैसा है, कहां रहता है, उसे कैसे पाया जा सकता है। यह सभी धर्म ग्रंथ एक परमात्मा की ओर संकेत करते हैं।www.jagatgururampalji.org
सभी धर्मों के धर्मगुरु इन शास्त्रों के नाम पर हमें भ्रमित कर रहे थे। शास्त्रों में लिखी सतभक्ती हमें न बता कर हमें मूर्ख बनाते रहे। उदाहरण के लिए गीता में लिखा है कि
न अधिक खाने वाले का न बिल्कुल न खाने वाले का न अधिक जागने वाले का और ना ही अधिक सोने वाले का तप सफल हो सकता है अर्थात व्यर्थ है।
फिर भी हमारे धर्म गुरु हमें व्रत उपवास का कहते थे अर्थात अर्थात हमें गलत भक्तिभक्ति मार्ग प्रदर्शन कर रहे थे।
संत रामपाल जी महाराज हमें शास्त्रानुकूल भक्ति मार्ग प्रदर्शित करते हैं जो सभी धर्म ग्रंथों से प्रमाणित है।


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